चलो थोड़ी देर साथ चल कर देखते है
कोशिश करो की तुम मेरे कदमो से कदम मिलाओगे
चाहे डगर कितनी भी कठिन हो मुझे न छोड़ जाओगे
मेरे पेरो में अविश्वाश की विबैया है
थोड़ी दूर साथ चलकर तुम मेरे मन पर मलहम लगाओगे
तुमने पिछली बार जब मेरा साथ बीच मझधार में छोड़ा था
मेने तूफानों की ओर अपनी नाव को तुम्हारे भरोसे ही मोड़ा था